Education facilities

इंदिरा गांधी विश्व विद्यालय की सहायता से बंदियों को निःशुल्क शिक्षा

इन्दिरा गाँधी विश्वविद्यालय द्वारा बंदियों को निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की गई है, जिसके अंतर्गत केन्द्रीय जेलों/सर्किल जेलों को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है, इन केन्द्रों पर इग्नू की ओर से पाठ्य सामग्री व प्राध्यापक उपलब्ध कराये जावेंगे। वर्ष के दौरान इग्नू की विभिन्न परीक्षाओ में 1749 परीक्षार्थी (बंदी) शामिल हुए।

बंदियों को शैक्षणिक सुविधा

प्रदेश की जेलों के दंडित बंदियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की सुविधा है। जेल विभाग द्वारा समस्त निरक्षर बंदियों को साक्षर बनाने के लिए कक्षायें चलाई जाती है । पहले से शिक्षित बंदियों को आगे शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा प्रदान की जाती है और पूर्ण सहयोग दिया जाता है। जो बंदी परीक्षा में बैठना चाहते है, उन्हें स्वाध्यायी छात्र के रूप में परीक्षा में सम्मलित कराया जाता है तथा समस्त व्यय एवं पुस्तकें विभाग द्वारा अध्ययन हेतु बंदी को प्रदाय की जाती है। वर्ष के दौरान विभिन्न कक्षाओं में 1589 बंदियों को पढ़ने की सुविधा उपलब्ध कराई गई तथा हिन्दी भाषा परीक्षा में 851 बंदी शामिल हुए। वर्ष 2016 में 9150 9150 दंडित एवं विचाराधीन बंदियों को साक्षर बनाया गया।

जेलों में सर्वशिक्षा अभियान

मध्यप्रदेश की विभिन्न जेलों में सर्वशिक्षा अभियान के अन्तर्गत आठवी कक्षा तक की शिक्षा कार्यक्रम को हाथ में लिया है। उच्च शिक्षा के लिए बंदियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस वर्ष स्नातक के 96, स्नातकोत्तर के 10, प्राथमिक शिक्षा के 1122, माध्यमिक शिक्षा के 162, उच्चतर माध्यमिक/इन्टरमीडियेट के 198, कुल 1589 परीक्षार्थी (बंदी) सम्मिलित हुए हैं।

सर्वशिक्षा अभियान के तहत राज्य शिक्षा मिशन के माध्यम से प्रदेश की जेलों में साक्षरता अभियान शुरू किया गया, वर्ष 2016 में 9150 बंदी सर्वशिक्षा अभियान के तहत लाभांवित हुए है।